ये बात तीन साल पहले की है। मेरी माँ की तबीयत बहुत खराब थी। मेरे शौहर इरफ़ान अपने काम पर गये थे। मैंने घर में ताला लगा लिया और चाबी बगल वाली आँटी जिन्हें मैं खाला कहती हूँ को दे दी, और अपनी माँ के घर चली गयी। रात में जब मेरे शौहर घर आये तो मुझे ना पाकर बहुत नाराज हो गये। उन्होंने मुझे फोन किया और हमारी बहस शुरू हो गयी। मैं उनको बताने लगी की माँ की तबीयत बहुत खराब थी, इसलिए मुझे बिना पूछे आना पड़ा। सुबह आयी, तो मेरे शौहर रात में मेरी चुत न मिलने के कारण आग बबूला थे। मेरे शौहर बोले "यहाँ क्यां करने आयी है? जा, अब अपनी माँ के पास ही रह', और फिर मेरे शौहर ने मुझे ग़ुस्से में आकर तलाक-3 बार बोल दिया। मैं रोने लगी पर अब मेरा तलाक हो गया था। बाद में मेरे शौहर बहुत पछताये। अब दुबारा मुझसे शादी करने ले लिए मेरा हलाला होना जरूरी था। अब मुझे किसी दूसरे मर्द से शादी करनी थी फिर वों मुझे कुछ रातें कसके चोदेगा। फिर वों 3 बार तलाक बोलेगा। उसके बाद मैं अपने शौहर इरफ़ान से फिर से शादी कर सकती हूँ। मेरे शौहर इरफ़ान किसी आदमी को ढूंढने लगे जो मुझसे निकाह कर सके। कुछ लड़के हलाला करने को तैयार थे पर 2 ...