ये बात तीन साल पहले की है। मेरी माँ की तबीयत बहुत खराब थी। मेरे शौहर इरफ़ान अपने काम पर गये थे। मैंने घर में ताला लगा लिया और चाबी बगल वाली आँटी जिन्हें मैं खाला कहती हूँ को दे दी, और अपनी माँ के घर चली गयी। रात में जब मेरे शौहर घर आये तो मुझे ना पाकर बहुत नाराज हो गये। उन्होंने मुझे फोन किया और हमारी बहस शुरू हो गयी। मैं उनको बताने लगी की माँ की तबीयत बहुत खराब थी, इसलिए मुझे बिना पूछे आना पड़ा।
सुबह आयी, तो मेरे शौहर रात में मेरी चुत न मिलने के कारण आग बबूला थे। मेरे शौहर बोले "यहाँ क्यां करने आयी है? जा, अब अपनी माँ के पास ही रह', और फिर मेरे शौहर ने मुझे ग़ुस्से में आकर तलाक-3 बार बोल दिया। मैं रोने लगी पर अब मेरा तलाक हो गया था। बाद में मेरे शौहर बहुत पछताये। अब दुबारा मुझसे शादी करने ले लिए मेरा हलाला होना जरूरी था। अब मुझे किसी दूसरे मर्द से शादी करनी थी फिर वों मुझे कुछ रातें कसके चोदेगा। फिर वों 3 बार तलाक बोलेगा। उसके बाद मैं अपने शौहर इरफ़ान से फिर से शादी कर सकती हूँ।
मेरे शौहर इरफ़ान किसी आदमी को ढूंढने लगे जो मुझसे निकाह कर सके। कुछ लड़के हलाला करने को तैयार थे पर 2 से 3 लाख तक मांग रहे थे। एक तो वों मुझे कसके चोदेंगे और उपर से पैसा मांग रहे थे। मेरा पूरा घर इस बात से बहुत परेशान था।
मेरे शौहर में मुझ से भी कहा तुम अपने मायके या जान पहचान में भी देख लो शायद कोई मदद कर दे। मैंने कोशिश की लेकिन कोई मदद की सूरत नहीं बन पायी। हम दोनों बिना चुदाई के बहुत दुखी रहने लगे।
तभी एक दिन मेरी स्कूल की एक सहेली नजमा मेरे घर आयी, तो पूछने लगी मियाँ के साथ केसी चल रही है। उसे मेरे तलाक का कुछ पता नहीं था।
उसके पूछने पर तो मैं रोने लगी, फिर उसको सारी तीन तलाक की कहानी, फिर हलाला की रस्म और पैसों की दिक्कत के कारण हलाला का पूरा न होना सब बताया।
तो नजमा कुछ देर सोच कर बोली, तेरी समस्या का हल मैं करवा देती हूँ। उसने अपने पति आसिफ से बात करि। दोनों बहुत अच्छे खाते पीते घर के हैं, तो नजमा ने अपने पति आसिफ को मेरी मदद करने के लिए मना लिया।
अब मैंने इरफ़ान से बात की के मेरी सहेली के पति तैयार हैं हलाला के लिए वों भी बिना पैसे के। तो हम काजी के पास सलाह लेने गए तो क़ाज़ी ने कहा आसिफ निकाह कर ले फिर हलाला कर तलाक दे दे।
अब इसके लिए नजमा और आसिफ दोनों हिचक रहे थे, तो नजमा ने कहा - आसिफ, मैं आपको इजाजत देती हूँ, आप निकाह कर हलाला कर के मेरी सहेली की घर बसा दे। अभी तक आसिफ और मैं आपस में नहीं मिले थे।
नजमा ने आसिफ को मेरी फोटो भेज दी उसे देख कर आसिफ झट से मान गए।
मेरे शौहर बहुत खुश हो गये। आखिर 3 दिन बाद वों पाक घड़ी आ गयी। काजी ने मेरा और आसिफ का निकाह करा दिया।
हलाला में औरत की शादी किसी दूसरे मर्द से कर दी जाती है। फिर वों नया मर्द औरत के साथ जिस्मानी सम्बन्ध बनाता है और उसे कुछ रांते टांग उठा कर पेलता है। हलाला होने के लिए औरत का उसके नये शौहर से जिस्मानी रिश्ता होना जरूरी है। इसके बिना दूसरा निकाह पूरा नही होता। उसके बाद वों नया शौहर कुछ दिन बाद औरत को तलाक दे देता है। अब वों औरत अपने पहले शौहर से निकाह कर सकती है। ये पूरी रस्म हलाला की होती है।
आसिफ के साथ मेरा निकाह हो गया था। अब मैं उसकी बीबी बन गयी थी। मुझे उसके साथ कुछ रातें गुजारनी थी और कसके चुदवाना था। मेरे शौहर इरफ़ान खुश थे की मुझे आसिफ कसके चोदेगा। वरना किसी दूसरे मर्द से मैं निकाह करती तो पता नही वों कैसे मेरी चूत मारता। मुझे तलाक देता या नहीं देता पर आसिफ ने इकरार लिख कर दे दिया था, वों कुछ दिन के बाद तलाक दे देगा, इसलिए मेरे शौहर इरफ़ान बहुत खुश थे।
रात में मैं आसिफ के पास आ गयी थी। आज हमारी सुहागरात थी। हम दोनों काफी शरमा रहे थे। आसिफ मुझे बाजी ( बहन या आपा ) कह कर बुला रहा था। फिर धीरे-धीरे हम किस करने लगे।
मैंने लाल रंग का सलवार कुरता पहन रखा था। धीरे-धीरे आसिफ मुझसे प्यार करने लगा। दोनों लेट गये और आसिफ मेरे होठ चूसने लगा।
" बाजी (बहन या आपा)! तुम तो चौदहवीं का चाँद हो!" आसिफ बोला।
"आप मुझे बाजी नहीं जन्नत कहे अब मैं आपकी बीबी हूँ।"
आसिफ बोला "जन्नत जान! आप बहुत हसीन और खूबसूरती का मुजस्समा हैं, मेरी किस्मत बहुत अच्छी है की मैं आपका शौहर बन पाया हूँ। "
"आसिफ! अब मैं तुम्हारी बीबी हूँ। तुम मुझसे बस प्यार की बातें करो। मेरी जवानी और खूबसूरत सिर्फ तुम्हारी है आसिफ " मैंने कहा।
फिर उसने मुझे अपने सीने पर लिटा लिया और किस करने लगा। आसिफ देखने में भी काफी सेक्सी और हट्टा कट्टा बॉडी का था। मुझे वों काफी हाट लग रहा था। धीरे-धीरे हम प्यार करने लगे। वों मेरे सूँट के उपर से मेरे मम्मे दबाने लगा। चूचियां 38" की थी और बहुत सेक्सी और हाट गोल-गोल और रसौली थी। मेरा नया शौहर आसिफ अब मेरे दूध सूट के उपर से दबाने लगा। मैं "।।अह! सी! आह! " करने लगी। मुझे मजा आ रहा था। आसिफ मेरे दूध को हाथ से दबा और सहला भी रहा था।
कुछ देर बाद उसने मुझे नंगी हो जाने को कह दिया।
" जन्नत जान जल्दी से नंगी हो जाओ" मेरे नये शौहर से हुक्म दिया। धीरे-धीरे मैंने सब कपड़े निकाल दिए। सूट निकाल दिया। अपनी सलवार का नारा खोला और निकाल दिया। फिर मैंने खुद ही अपनी ब्रा और पेंटी उतार दी। मैं नंगी होकर बिस्तर पर लेट गयी थी। मैं पूरी तरह से नंगी थी। आसिफ अब मुझे कसके चोदना जा रहा था। शाम को ही मैंने अच्छी तरह अपनी झांटे बना ली थी।आज मैं उसके साथ हमबिस्तर होने जा रही थी।
"आसिफ! आज मेरी जान! आओ मुझसे प्यार करो" मैंने कहा।
आसिफ ने अपना कुरता पाजामा उतार दिया। फिर उसने बनियान और अंडरवियर उतार दिया और मेरे पास बिस्तर में आ गया। उसने मुझे बाँहों में भर लिया और मेरे गाल, गले, आँख, कान, नाक सब जगह मुझसे चूमने लगा। मैं भी उससे प्यार कर रही थी। मैं खुश थी की मेरा आसिफ के साथ मेरा हलाला हो रहा था।
मैंने आसिफ को अपना सब कुछ दे दिया। वों मेरी कमर, जांघ और पुट्ठों को सहला रहा था। वों मुझे मेरे खूबसूरत सेक्सी जिस्म पर हर जगह किस कर रहा था। धीरे-धीरे मेरा भी चुदने का दिल करने लगा। फिर आसिफ मेरे दूध को हाथ में लेकर सहलाने लगा।
मैं गर्म आहे भरने लगी। आसिफ बड़ी कोमलता से मेरे दूध सहला रहा था। मुझे अच्छा लग रहा था। धीरे-धीरे वों मेरे दूध दबाने लगा। दोस्तों मेरे दूध बहुत खूबसूरत थे। मेरी निपल्स के चारों तरफ गोल-गोल काले सेक्सी गोले बहुत हाट लग रहे थे। फिर आसिफ मेरे दूध मुंह में लेकर जल्दी-जल्दी चूसने लगा। मैं गर्म होने लगी और कामुक आवाज़े निकालने लगी। आसिफ जल्दी-जल्दी किसी मासूम बच्चे की तरह मेरी रसौली चूचियां पी रहा था। मुझे मजा आ रहा था।
मैं ऐश कर रही थी। वों मेरी निपल्स पर दांत से काट लेता था। मैं उससे कटवा रही थी। आज रात मैं उसे भरपूर मजा देना चाहती थी। आसिफ मेरी एक चूची पी लेता फिर छोड़ देता और दूसरी चूची मुंह में ले लेता, और जल्दी-जल्दी किसी मासूम बच्चे की तरह चूसता। धीरे-धीरे मुझे सेक्स और वासना का नशा चढ़ गया। मेरी चूत में जोर की खुजली होने लगी थी।
मैं अपनी चूत में जल्दी-जल्दी उँगली करने लगी। आसिफ मेरी चूची को किसी मुसम्मी की तरह दबा रहा था। मेरे मम्मे मसलने के कारण लाल रंग के हो गये थे। मैं अपनी चूत में उँगली करने लगी। अब मैं जल्दी से चुदना चाहती थी। आसिफ का मोटा लंड खाकर मैं आज रात ऐश करना चाहती थी।
"आसिफ! जान आओ मेरी चूत में जल्दी से अपना मोटा लंड डाल दो और फाड़ दो मेरी इस रसौली चूत को आज" मैंने कहा।
उसके बाद आसिफ मेरे पैर की तरफ आ गया। वों मेरे पैर की ऊँगली चाटने और सहलाने लगा। फिर मेरी जाँघों को सहलाने लगा। फिर उसने मेरी चूत में अपना 9" का मोटा लंड डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैं गर्म गर्म आवाजे निकाल रही थी। आसिफ अपने मोटे लंड से मुझे जल्दी जल्दी चोद रहा था।
काफी दिनों से चुदाई न होने के कारण चूत टाइट हो गयी थी। आसिफ बोला "बेगम, तुम्हारी चूत तो एकदम कुंवारी लड़की जैसी टाइट है, सच में बहुत मजा आ रहा है।
मेरी तो जान ही निकली जा रही थी। मेरे पहले शौहर का लंड सिर्फ 5" का था। पर आसिफ का लंड तो डबल लम्बा था। वो जल्दी जल्दी मेरा गेम बजा रहा था। मुझे दर्द हो रहा था।लग रहा था की किसी ने मेरी चूत में मोटा सरिया डाल दिया हो। लग रहा था की कहीं आसिफ का लम्बा लंड मेरे चुद्दी को फाड़कर मेरे पेट में न घुस जाए।
करीब 20 मिनट आसिफ ने मुझे चोदा। उसके बाद मेरी चूत का मक्खन निकलने लगा। फिर मेरी चूत अच्छे से चिकनी हो गयी। अब आसिफ का लंड आराम से मेरी चुद्दी में फिसलने लगा। मुझे मजा आने लगा। मैं किसी जंगली बिल्ली की तरह चुदवा रही थी। मैं पुरे नशे में आ गयी थी। मैं बार बार अपनी कमर उठा रही थी। अब तो आसिफ भी पुरे तेवर में आ गया था। वो मुझे जोर जोर से पेल रहा था। वो मेरी चूत पर काफी मेहनत कर रहा था। हम दोनों के बदन से गर्मी निकल रही थी। हम दोनों चुदाई में पसीना पसीना हो गये थे। मेरी चूत में तो आग लग चुकी थी। मेरी चूत में सैलाब आ गया था।
आसिफ किसी जंगली कुत्ते की तरह बिजली की रफ्तार से मेरी चूत बजा रहा था। उसकी स्पीड से मुझे डर लग रहा था की कहीं तो मेरी चूत ही ना फाड़ दे। फिर आसिफ ने 50-60 तेज धक्के दिए और मेरी चुद्दी में ही माल छोड़ दिया। वो मुझ पर गिर पड़ा। मैं उसके होठ चूसने लगी। मैं अब भी हांफ रही थी। आसिफ भी मेरे होठ चूसने लगा। आज उसने मुझे शानदार तरह से चोदा और चरम सुख का मजा दिया था।
फिर हमने आसन बदल बदल कर सारी रात कई बार चुदाई की।
सुबह जब मैं उठी तो मेरी चूत में दर्द हो रहा था। खिड़की के पर्दे हटाए तो सूरज निकल आया था। धूप की रोशनी आसिफ पर पड़ी। वो जग गया और उसने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया। फिर हम किस करने लगे।
" जन्नत जान! रात में मजा आया तुमको?" आसिफ हंसकर बोला।
"तुमने ने मेरी माँ ही चोद दी थी रात में।।। यकीन नही तो खुद देख लो"। मैंने उसको अपनी चूत दिखाई। आसिफ ने रात में मुझे कई बार सारी रात चोदा। मेरी चूत में अब भी दर्द था और नीली पड़ गयी थी। फिर आसिफ ने मुझे लिटा दिया और चूत चाटने लगा। अब मेरा नया शौहर आसिफ ही था। फिर मैं बाथरूम में जाकर नहाने चली गयी। जल्दी जल्दी मैं आसिफ को नाश्ता बनाकर खिलाया तभी मेरे पहले शौहर इरफ़ान का फोन आ गया।
"कैसी हो बेगम? रात में हलाला पूरा हो गया? आसिफ ने तुमको चोदा की नही?" मेरे पहले शौहर इरफ़ान ने मुझसे पूछा।
"बहुत उसने तो रात पर मुझे सोने नही दिया। रात पर मुझे चोदता रहा।
मेरी चूत में अभी तक दर्द है" मैंने पहले शौहर इरफ़ान से कहा।
"जान तुम हो ही इतनी शानदार और खूबसूरत , जिसे तुम मिल जाओ वो तुम्हे क्यों छोडेगा। जरा अपनी मुनिया रानी के दीदार तो करवाओ" मेरे पहले शौहर इरफ़ान बोले।
दोस्तों मैने जल्दी से अपनी चूत को ऊँगली से फैलाया और फोटो खीचकर अपने पहले शौहर इरफ़ान को व्हाट्सअप कर दी। मेरे पहले शौहर इरफ़ान ने मेरी चूत की फोटो देखकर मुठ मार ली।
मेरी सहेली और आसिफ की पहली बीवी नजमा भी उसी कमरे में आ गयी और बोली "आज हम तीनो एक साथ करेंगे"। रात में मेरा शौहर आसिफ घर आया। आते ही मैं उससे चिपक गयी।
"कहाँ थे सुबह से तुम??? कैसे शौहर हो?? एक बार मेरी याद भी नही आई??" मैंने मुंह फुलाकर कहा।
तब तक नजमा भी नंगी हो होकर पहले मुझे किस करती रही और फिर मेरे मोमे चूसने और दबाने लगी और आसिफ अपना लंड नजमा की चूत में घुसा कर उसे चोदने लगा।
उसके बाद आसिफ ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे पेलने लगा। उसने पौन घंटे मेरे कसके पेला फिर चूत में माल छोड़ दिया।
आसिफ और नजमा के साथ मैं 15 दिन तक हमबिस्तर हुई। फिर उसने मुझे तलाक दे दिया। फिर मेरी शादी मेरे पहले शौहर इरफ़ान से दोबारा हो गयी। अब हम दोनों खुश है और कभी झगड़ा नही करते है।
Bhabhi Ko Gair Mard Se Chudate Dekha Mera naam sunny hai, Mai shahar ka rahne wala hu, mera ek friend hai jiska naam Akash (Naam badla hua hai) hai, wo sarkari vibhag me ache pad par hai, mera uske ghar ana jaana rehta hai, uski biwi ka naam Deepa hai, umar lagbhag 40, ekdaum dudh jaisi gori, badi badi moti gaand, utne hi badi uski mome jo kisi budhe admi ka bhi lund khada kar sakta hai, dikhne me sundar aur shushil kisi ko bhi aisa nahi lagata hai ki ye aurat ek number ki chudakkad hai, mai use bhabhi keh kar bulata hu, aur wo mere saath bahut close hone par bhi muje ek din bhi aisa nahi laga ki is aurat ne kai logo ke lund se jee bhar ke khela hai. Ek din mere aur ek dost ne kaha ki tera jo dost hai Akash uske ghar me tu jyaada jaya mat kar. To maine pucha kyu? Usne bataya ki uski aurat bahut chalu hai aur abtak kai logo ne use thoka hai aur unme se aise log bhi jo bura kam karte hain jaise ki gunde, chor aur bade bade badmash ke saath uske sambadh hai aur wo chudai ke liye ku...
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